लुधियाना जिले के दो दर्जन से अधिक प्रजापत (कुम्हार) परिवार बसपा में शामिल
पिछड़ी श्रेणियों के हितों की रक्षा के लिए बसपा सरकार बनाना जरूरी — प्रजापत समाज
जगराओं, 14 जून: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पंजाब के अध्यक्ष डॉ. अवतार सिंह करीमपुरी द्वारा शुरू की गई “पंजाब संभालो मुहिम” को उस समय लुधियाना जिले में बड़ा समर्थन मिला, जब बसपा लुधियाना के पूर्व जिला प्रभारी सुखजीत सिंह सलेमपुरी की मौजूदगी में जगराओं में दो दर्जन से अधिक प्रजापत (कुम्हार) परिवारों ने बसपा में शामिल होने की घोषणा की।
जगराओं निवासी हरजिंदर सिंह राजू (मनीला वाले) के नेतृत्व में बसपा में शामिल होने वालों में अमरजीत सिंह आलमगीर, वाहेगुरु सिंह ढोलण, करमजीत सिंह जगराओं, पुनीत जगराओं, जसवीर सिंह जगराओं, भाग सिंह रकबा, जसविंदर सिंह फुल्लांवाल, जगतार सिंह सिद्धवां कलां, जगसीर सिंह सिद्धवां कलां, राजपाल सिंह लुधियाना, अजीत सिंह (अजीत नगर, जगराओं), अमरीक सिंह लुधियाना, जसविंदर सिंह सिद्धवां कलां, गुरसांत सिंह जगराओं, तरसेम सिंह सिद्धवां कलां, अमरजीत कौर फुल्लांवाल, गुरमीत कौर सिद्धवां कलां, हरदीप कौर रकबा, भजन कौर सिद्धवां कलां, बलविंदर कौर ढोलण, खुशप्रीत कौर जगराओं, रछपिंदर कौर जगराओं, हरवंस कौर लुधियाना, सिमरजीत कौर जगराओं, अमनदीप कौर सिद्धवां कलां, परमिंदर कौर सिद्धवां कलां, हरप्रीत कौर सिद्धवां कलां तथा गुरजोत कौर सिद्धवां कलां शामिल हैं।
नए शामिल हुए सदस्यों ने कहा कि वे पहले बहुजन समाज पार्टी को केवल अनुसूचित जातियों की पार्टी समझते थे, लेकिन अब उन्हें महसूस हुआ है कि पिछड़ी श्रेणियों की समस्याओं का समाधान बसपा की सरकार बनने के बिना संभव नहीं है। उन्होंने सभी पिछड़ी जातियों के लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर आने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों में बसपा की सरकार बनाने में योगदान दें, ताकि पंजाब को खुशहाल बनाया जा सके।
इस अवसर पर बसपा नेताओं सुखजीत सिंह सलेमपुरी, डॉ. जगजीत सिंह राऊवाल, महिंदर पाल तेहिंग और कुलवीर कुमार अट्टी ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी सभी वर्गों को उनका उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि पंजाब के सभी वर्गों को अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए बसपा में शामिल होना चाहिए। उनका कहना था कि सभी बहुजन वर्गों की एकता के बिना पंजाब का समग्र विकास संभव नहीं है।
इस कार्यक्रम में अन्य प्रमुख बसपा नेताओं में कैप्टन गुरदीप सिंह (पूर्व सरपंच, चमिंडा), महिंदर सिंह गुड़े, गुरजीत सिंह गुरी, इंदरजीत सिंह बब्बी, बाबा जगजीवन सिंह शेरपुर, जगमोहन सिंह, रेशम सिंह भट्ठा धूहा, लखवीर सिंह गालिब, बलजीत सिंह मंडियाणी और हरचंद सिंह गुड़े सहित कई अन्य नेता भी उपस्थित रहे।
जगराओं निवासी हरजिंदर सिंह राजू (मनीला वाले) के नेतृत्व में बसपा में शामिल होने वालों में अमरजीत सिंह आलमगीर, वाहेगुरु सिंह ढोलण, करमजीत सिंह जगराओं, पुनीत जगराओं, जसवीर सिंह जगराओं, भाग सिंह रकबा, जसविंदर सिंह फुल्लांवाल, जगतार सिंह सिद्धवां कलां, जगसीर सिंह सिद्धवां कलां, राजपाल सिंह लुधियाना, अजीत सिंह (अजीत नगर, जगराओं), अमरीक सिंह लुधियाना, जसविंदर सिंह सिद्धवां कलां, गुरसांत सिंह जगराओं, तरसेम सिंह सिद्धवां कलां, अमरजीत कौर फुल्लांवाल, गुरमीत कौर सिद्धवां कलां, हरदीप कौर रकबा, भजन कौर सिद्धवां कलां, बलविंदर कौर ढोलण, खुशप्रीत कौर जगराओं, रछपिंदर कौर जगराओं, हरवंस कौर लुधियाना, सिमरजीत कौर जगराओं, अमनदीप कौर सिद्धवां कलां, परमिंदर कौर सिद्धवां कलां, हरप्रीत कौर सिद्धवां कलां तथा गुरजोत कौर सिद्धवां कलां शामिल हैं।
नए शामिल हुए सदस्यों ने कहा कि वे पहले बहुजन समाज पार्टी को केवल अनुसूचित जातियों की पार्टी समझते थे, लेकिन अब उन्हें महसूस हुआ है कि पिछड़ी श्रेणियों की समस्याओं का समाधान बसपा की सरकार बनने के बिना संभव नहीं है। उन्होंने सभी पिछड़ी जातियों के लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर आने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों में बसपा की सरकार बनाने में योगदान दें, ताकि पंजाब को खुशहाल बनाया जा सके।
इस अवसर पर बसपा नेताओं सुखजीत सिंह सलेमपुरी, डॉ. जगजीत सिंह राऊवाल, महिंदर पाल तेहिंग और कुलवीर कुमार अट्टी ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी सभी वर्गों को उनका उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि पंजाब के सभी वर्गों को अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए बसपा में शामिल होना चाहिए। उनका कहना था कि सभी बहुजन वर्गों की एकता के बिना पंजाब का समग्र विकास संभव नहीं है।
इस कार्यक्रम में अन्य प्रमुख बसपा नेताओं में कैप्टन गुरदीप सिंह (पूर्व सरपंच, चमिंडा), महिंदर सिंह गुड़े, गुरजीत सिंह गुरी, इंदरजीत सिंह बब्बी, बाबा जगजीवन सिंह शेरपुर, जगमोहन सिंह, रेशम सिंह भट्ठा धूहा, लखवीर सिंह गालिब, बलजीत सिंह मंडियाणी और हरचंद सिंह गुड़े सहित कई अन्य नेता भी उपस्थित रहे।

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