"सन्त रविदास एवं बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर" विषय पर हुआ विचार गोष्ठी का आयोजन
डॉ अम्बेडकर सन्त रविदास जी के विचारों से प्रभावित किया। ओजस्वी ने बताया कि सन्त रविदास एवं सन्त कबीर महात्मा फूले, से भी बाबा साहेब ने काफी सीखा और समझा। युवाओं को पढाई के साथ साथ चेतना रखते हूऐ समय के साथ जागरूकता रखना तथा बाबासाहेब डाक्टर भीमराव अम्बेडकर साहेब के बताये रास्ते पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ भीमराव अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी,चित्तौड़गढ़ के उपाध्यक्ष निर्मल देसाई ने बताया कि अम्बेडकर पखवाड़े में चित्तौड़गढ़ के आसपास के ग्रामों में अम्बेडकर चेतना एवं संविधान जानो एवं सामाजिक समरसता पर वैचारिक मंथन करने का कार्य अम्बेडकर जयंती तक किया जाएगा। देसाई ने भी अंधविश्वास आडम्बर रूढीवाद से हानी लाभ को समझने तथा विज्ञान व मानवतावाद को समझने पर बल दिया, 14 अप्रेल को डाक्टर भीमराव अम्बेडकर साहेब की जयंती कार्यक्रम मे सभी को भाग लेने की अपील की।
कार्यक्रम में डॉ अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी चित्तौड़गढ़ के सचिव कालू लाल बैरवा ने सभी को संत रैदास एवं डॉ अंबेडकर के विचारों पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर रविदास सत्संग समिति के प्रदेश संयोजक कालू लाल बैरवा का समाज के वरिष्ठ गणमान्य लोगों द्वारा अभिनंदन कर सम्मान किया।
इस दोरान भगवान लाल बैरवा, रतन लाल बैरवा, जगदीश बैरवा, सुनिल बैरवा, रोहित जटिया, दीपक जटिया, बाबु जटिया, किशन जटिया, चतुर्भुज बैरवा, नगजी राम बैरवा, चतरा बैरवा, देवी लाल बैरवा, कन्हैया लाल बैरवा, मोहन लाल बैरवा, कालु राम बैरवा, त्रिलोक बैरवा, रोडू, हरिराम बैरवा, आदि गणमान्य उपस्थित थे

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