न्यूयॉर्क में जाति-आधारित भेदभाव रोकने के लिए ऐतिहासिक विधेयक पेश
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| Swati Sawant with Assembly member raga on April 13th |
न्यूयॉर्क, 20 मई 2026। न्यूयॉर्क राज्य में S6531/A6920 एंटी-कास्ट डिस्क्रिमिनेशन बिल पर विचार किया जा रहा है। यह विधेयक रोजगार, आवास और सार्वजनिक सुविधाओं में जाति (Caste) के आधार पर होने वाले भेदभाव को स्पष्ट रूप से गैरकानूनी घोषित करेगा। यदि यह कानून बन जाता है, तो न्यूयॉर्क जाति को मानवाधिकार कानून के तहत अलग संरक्षित श्रेणी के रूप में मान्यता देने वाला अमेरिका का अग्रणी राज्य बन जाएगा।
इस विधेयक की पहल दलित मूल की वकील Swati M. Sawant ने की। उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क के मानवाधिकार कानून में जाति को संरक्षित श्रेणी के रूप में शामिल नहीं किया गया है, जिसके कारण जातिगत भेदभाव के पीड़ितों को न्याय मिलने में कठिनाई होती है।
साल 2018 में स्वाति सावंत ने एक दलित नेपाली कर्मचारी की ओर से न्यूयॉर्क का पहला जाति-आधारित भेदभाव का मामला दर्ज कराया था। कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि उसकी जाति की पहचान उजागर होने के बाद उसे उत्पीड़न और नौकरी से निकाले जाने का सामना करना पड़ा। हालांकि, न्यूयॉर्क राज्य मानवाधिकार विभाग और अमेरिकी समान रोजगार अवसर आयोग (EEOC) ने यह कहते हुए मामला खारिज कर दिया कि जाति कानून के तहत संरक्षित श्रेणी नहीं है। इसी घटना ने नए कानून की आवश्यकता को उजागर किया।
मार्च 2025 में विधेयक औपचारिक रूप से पेश किया गया। मई 2026 तक इसे राज्य सीनेट के 10 और विधानसभा के 20 सदस्यों का समर्थन मिल चुका है। इसके अलावा 45 से अधिक संगठनों, बार एसोसिएशनों, श्रमिक संघों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इसके समर्थन में बयान जारी किए हैं।
5 मई 2026 को न्यूयॉर्क राज्य की राजधानी अल्बानी में एक विशेष एडवोकेसी डे आयोजित किया गया, जिसमें 20 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों ने विधायकों से मुलाकात की। इसी दौरान तीन विधानसभा सदस्यों ने मौके पर ही इस विधेयक का समर्थन किया।
इस अभियान के दौरान नेपाली मूल की महिला Punyawati Ramtel ने न्यूयॉर्क में अपने साथ हुई जातिगत भेदभाव की घटनाओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि जाति के कारण उन्हें मकान किराए पर देने से इनकार किया गया और रोजगार के अवसरों से भी वंचित किया गया।
विधेयक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन मिला है। 4 मई 2026 को संयुक्त राष्ट्र की नस्लवाद संबंधी विशेष दूत Ashwini K.P. ने अमेरिकी सरकार को औपचारिक पत्र भेजकर न्यूयॉर्क विधानसभा से इस विधेयक को पारित करने की अपील की।
समर्थकों का कहना है कि दक्षिण एशियाई समुदायों के प्रवास के साथ जातिगत भेदभाव की समस्या भी विदेशों तक पहुंची है। विभिन्न अध्ययनों में अमेरिका में दलित समुदाय के लोगों के साथ कार्यस्थलों, आवास और सामाजिक जीवन में भेदभाव की घटनाएं दर्ज की गई हैं। न्यूयॉर्क राज्य का वर्तमान विधायी सत्र 4 जून 2026 को समाप्त हो रहा है, ऐसे में इस विधेयक पर जल्द निर्णय होने की संभावना है।
संक्षिप्त खबर
न्यूयॉर्क में जाति-विरोधी कानून की तैयारी
न्यूयॉर्क राज्य में S6531/A6920 एंटी-कास्ट डिस्क्रिमिनेशन बिल पर विचार चल रहा है, जो रोजगार, आवास और सार्वजनिक स्थानों पर जाति के आधार पर भेदभाव को गैरकानूनी बनाएगा। दलित वकील स्वाति सावंत की पहल पर लाया गया यह विधेयक मई 2026 तक 30 विधायकों का समर्थन प्राप्त कर चुका है। संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत अश्विनी के.पी. ने भी इस कानून को पारित करने की अपील की है। यदि यह बिल पारित हो जाता है, तो न्यूयॉर्क जाति को स्पष्ट रूप से संरक्षित श्रेणी मानने वाला अमेरिका का अग्रणी राज्य बन जाएगा।

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