अहमदाबाद से उठी बदलाव की हुंकार: ‘राज्य स्तरीय राजकीय विचार परिषद’ में सामाजिक न्याय और राजनीतिक एकजुटता पर हुआ ऐतिहासिक मंथन - Ambedkarite People's Voice

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Saturday, June 13, 2026

अहमदाबाद से उठी बदलाव की हुंकार: ‘राज्य स्तरीय राजकीय विचार परिषद’ में सामाजिक न्याय और राजनीतिक एकजुटता पर हुआ ऐतिहासिक मंथन

अहमदाबाद से उठी बदलाव की हुंकार: ‘राज्य स्तरीय राजकीय विचार परिषद’ में सामाजिक न्याय और राजनीतिक एकजुटता पर हुआ ऐतिहासिक मंथन


SC, ST, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्गों के नेताओं ने साझा मंच से दिया मजबूत संदेश, संवाद और संगठन को बताया परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत

 सर्किट हाउस में आयोजित राज्य कक्षानी राजकीय विचार परिषद में उपस्थित अग्रणी

अहमदाबाद, 13 जून 2026। गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में शनिवार को आयोजित ‘राज्य स्तरीय राजकीय विचार परिषद’ सामाजिक और राजनीतिक चेतना का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरी। “विचार-विमर्श, संवाद और परिवर्तन” के मूल मंत्र के साथ आयोजित इस परिषद में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, धार्मिक अल्पसंख्यकों, अन्य पिछड़े वर्गों, आंबेडकरी आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर समाज के भविष्य और वर्तमान चुनौतियों पर गंभीर मंथन किया।

जूना सर्किट हाउस, जूना राजभवन (सरदार पटेल स्मारक भवन) के सामने सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चले इस कार्यक्रम में समाज के सामने खड़ी चुनौतियों, राजनीतिक भागीदारी, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, संगठन की मजबूती और नई रणनीतियों पर खुलकर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि बदलते दौर में केवल चुनावी राजनीति ही नहीं, बल्कि वैचारिक एकता और सामाजिक जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है।

परिषद में मौजूद वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यदि समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है तो विभिन्न वर्गों के बीच आपसी संवाद, सहयोग और साझा नेतृत्व को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने युवाओं को सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का भी आह्वान किया।

कार्यक्रम के संयोजक भानुभाई परमार ने बताया इस अवसर पर डॉ. राजनप्रियदर्शी (सेवानिवृत्त IPS), अरुणकुमार एस. सुतरिया (सेवानिवृत्त IAS), प्रो. नवीनभाई एम. कलाथी, एम.डी. खेडुरा, इकबाल अहमद मिर्जा, बेचरभाई राठौड़,  उत्पेश जादव, छगनभाई झाला, जे.डी. चंद्रपाल,  राजूभाई प्रिस्ती,  अब्दुल्लाह, के.बी. बाबरिया, धर्मसिंहभाई थापा,  विजयभाई भायरा, एडवोकेट दर्शिल कंथारिया और सोशल एक्टिविस्ट अजमलजी ठाकोर सहित राज्यभर के अनेक प्रमुख सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और अपने विचार रखे।

परिषद के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में कहा कि समाज के हितों की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने और राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे विचार मंच समय-समय पर आयोजित होते रहने चाहिए। उनका मानना था कि निरंतर संवाद और संगठित प्रयासों से ही समाज को नई दिशा और मजबूत नेतृत्व मिल सकता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के लिए सुरुचिपूर्ण भोजन समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ आपसी संवाद और भविष्य की योजनाओं पर भी अनौपचारिक चर्चा हुई।

रिपोर्ट- अमित कुमार, महिसागर

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