1985 से अब तक नहीं बनी दलित बस्ती में सड़क, आंदोलन के लिए मजबूर
मन्दसौर : भारत को विकासशील और विकसित देश से होने के लिए सत्ता में बैठे लोग बड़े-बड़े दावे करते हैं लेकिन आज भी हकीकत यह है कि दलित बस्तियों में पक्की सड़के तो छोड़िए रास्ते भी नहीं है मामला है मध्यप्रदेश जिला मन्दसौर गांव अम्बेडकर नगर रिछा बच्चा का है जहां 1985 से सड़क के लिए दलित समाज संघर्ष कर रही है
भीम आर्मी का धरना और आंदोलन की चेतावनी
इस मामले को लेकर भीम आर्मी के नेतृत्व में लोगों ने धरना दिया जिसे अब प्रशासन ने आश्वासन के बाद उठा दिया है जिला अध्यक्ष राकेश सूर्यवंशी ने बताया कि प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल धरना समाप्त किया है। हालांकि प्रशासन को 5 दिन का समय दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि 11 मई तक काम शुरू नहीं हुआ तो 12 मई से आमरण अनशन और बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
आंबेडकर नगर की यह बस्ती करीब 450 लोगों की है, जो 1985 से सड़क के लिए संघर्ष कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि दलित बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण अब तक इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया

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