क्या तेजस्वी यादव को देखकर अन्य विपक्षी नेताओं को भी सीख लेनी चाहिए?
पटना (Patna)| बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान हो चुका है, अब सभी को 10 नवंबर के नतीजों का इंतजार है। इस बिहार के चुनाव में सबसे देखने वाली बात थी तो वो तेजस्वी यादव की मेहनत और लगन। एकेले मैदान कैसे फतह करते है यह तेजस्वी यादव ने दिखाया। अब सवाल यही है कि क्या बाकि लोगो को भी तेजस्वी यादव से सीख लेनी चाहिए?
दरअसल बिहार के विधानसभा में भाजपा और जेडीयू गठबंधन के पास एक बहुत बडी नेताओ की लाईन थी। पूरी केंद्र सरकार और कही राज्यों के मुख्यमंत्री भी बिहार मे एनडीए के चुनाव प्रचार कर रहे थे मगर दूसरी तरफ महागठबंधन के पास सिर्फ तेजस्वी यादव थे। तेजस्वी यादव ने इन सब से मुकाबले की कमान अकेले अपने हाथ में ली और एक दिन में 12 से 15 रैलियों को संबोधित कर रहे थे। चुनाव से पहले भी जनता के काफी ज्यादा नजदीक तेजस्वी यादव रहे। आज तमाम न्यूज चैनल के एग्जिट पोल बिहार तेजस्वी यादव को सबसे बडा नेता बता रहे हैं। तेजस्वी यादव की पार्टी राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही हैं। यह आंकडे अगर नतीजो में बदलते है तो तेजस्वी यादव भाजपा को हराने वाले नेता बन जायेंगे जब उनके पिता जेल में और अन्य सहयोगी ना।
विपक्षी दलो के लिए भी एक छाप छोड जायेंगे कि मोदी को हराना आसान है बस आपको मेहनत करनी होगी, जनता से जुड़ा रहना होगा। देखिए वीडियो में विश्लेषण
देखे विडिओ -
बहुजन समाज की सबसे तेज खबरें पाने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को लाईक करें, Twitter पर फॉलो भी करे और यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।

No comments:
Post a Comment