बार्टी समतादूतों की ओर से चवदार तालाब सत्याग्रह को मानवता सशक्तिकरण एवं समता दिवस के रूप में मनाया
सामाजिक न्याय विभाग की डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था (बार्टी) के हिंगोली समतादूतों की ओर से विश्व में पानी के अधिकार हेतु मानवता के लिए किए गए पहले सत्याग्रह, महाड क्रांतिभूमि के चवदार तालाब सत्याग्रह दिवस को इस वर्ष समता शताब्दी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।
बार्टी जिला कार्यालय में दिनांक 20 मार्च को प्रातः 11:00 बजे महाड चवदार तालाब सत्याग्रह क्रांति दिवस के अवसर पर सामाजिक समता सशक्तिकरण दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित मान्यवरों के हस्तों से महामानव भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर विनम्र अभिवादन के साथ की गई।
इस अवसर पर बार्टी के परियोजना अधिकारी सिद्धार्थ गोवंदे, समतादूत सुरेश पठाडे, इतर मागास बहुजन कल्याण विभाग के लेखाधिकारी किशोर महाजन, सचिन टाले, जात प्रमाणपत्र पडताळणी समिति के दीपक कांबळे, अभिजीत कांबळे, रितेश बगाटे, दिलीप पुंडगे, शेषराव पिंपरे, अनिकेत बगाटे, निखिल भगत आदि उपस्थित थे।
महाड चवदार तालाब के इतिहास के बारे में परियोजना अधिकारी सिद्धार्थ गोवंदे ने विस्तृत मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि जिले के सभी पांच तालुकों में इस वर्ष चवदार तालाब सत्याग्रह दिवस को समता शताब्दी दिवस के रूप में विभिन्न जनजागरण कार्यक्रमों के माध्यम से बार्टी द्वारा मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम का संचालन समतादूत सुरेश पठाडे ने किया।

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