भंडारा में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं सामाजिक जागरूकता सेमिनार का आयोजन, सामाजिक परिवर्तन और अंबेडकरवादी मीडिया की भूमिका पर हुआ मंथन
कार्यक्रम में सामाजिक विचार मंच की ओर से शिरीष सोनेवाल ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। आयोजन की जानकारी देते हुए प्रवीण पाटिल ने बताया कि सेमिनार में देश-विदेश से जुड़े सामाजिक, शैक्षणिक एवं अंबेडकरवादी आंदोलन के अनेक प्रमुख व्यक्तित्वों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में Ambedkarite People's Voice के चेयरमैन एडवोकेट नोरतराम लोरोली, प्रेम बिरांडे, अंबेडकर मिशन के दीपक कदम, डॉ. उल्लास चांदेलकर, नॉर्थ महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी, जलगांव के डीन डॉ. अनिल डोंगरे, SCAN के नीतिन गजभिये, जूली अंबेडकर, रोशन जांभुलकर तथा राजू केन्द्रे सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में एडवोकेट नोरतराम लोरोली ने कहा कि वर्तमान समय में अंबेडकरवादी विचारधारा पर आधारित राष्ट्रीय समाचार मंचों एवं अंबेडकरवादी पत्रकारों की समाज को अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों तथा बहुजन समाज के मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने लाने के लिए वैकल्पिक मीडिया को और अधिक सशक्त बनाने की जरूरत है।
सेमिनार के दौरान शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, संवैधानिक अधिकारों, युवा नेतृत्व तथा अंबेडकरवादी विचारधारा के प्रसार से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। उपस्थित वक्ताओं ने समाज में शिक्षा और जागरूकता को परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए युवाओं से सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, छात्र-छात्राएं एवं अंबेडकरवादी आंदोलन से जुड़े लोग उपस्थित रहे।


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